सत्तमतकाएँ एक तरह का वर्णन होता है भारतीय काव्य की एक रूप। इसे अक्सर जैन परंपराओं में विख्यात था । इस विधा की रूपरेखा तथा तत्वों का सूक्ष्म पड़ताल की होती है। भारतीय सट्टा: इतिहास और वर्तमान देसी सट्टा बाजार का अतीत देश में प्राचीन है, तथाकथित समकालीन आकार पाश्चात्य प्रभाव के बाद उभरा है। आदिम दौर